KAILASA Library/Sarvajnapeetha - Hinduism का थिंक टैंक/आनंद योगमSM वैदिक शिक्षण कार्यक्रमSign in
Sarvajnapeetha - Hinduism का थिंक टैंक

आनंद योगमSM वैदिक शिक्षण कार्यक्रम

''मैं आधुनिक युवाओं को साहसी और प्रबुद्ध मनुष्य बनाऊंगा, जहां वे अपने जन्म और जीवन का उद्देश्य जान सकें, जहां वें अपने जीवन पद्धति की विसंगतियों को समाप्त कर सकें। मैं आनंद योगम कार्यक्रम में युवाओं को आमंत्रित करता हूं।" ~ THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM

युवा पीढ़ी को वैदिक जीवन के अनुभव करने हेतु, परमहंस THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM ने वर्ष 2003 में बेंगलोर स्थित आश्रम के ऊर्जाक्षेत्र में निःशुल्क वैदिक शिक्षा एवं जीवन पद्धति कार्यक्रम के अध्ययन के लिये 3 महीने, 6 महीने और 1 वर्ष के पाठ्यक्रम के उद्देश्य से आनंद योगम् की रचना की।

वैदिक विश्वविद्यालय, महाविद्यालय एवं अनुसंधान संस्थान

'' वैदिक शिक्षण संस्थानों की स्थापना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमें वैदिक विद्वानों के निर्माण के लिये विश्वविद्यालय की आवश्यकता है। मैं हिंदुत्व के प्रति आस्थावान लोगों के लिये वैदिक दर्शन शास्त्र के अध्ययन के उद्देश्य से विशाल विश्वविद्यालयों की रचना करके वैदिक दर्शन शास्त्र की विभिन्न शाखाओं में डाक्टर की उपाधि प्राप्त करने वाले विद्वानों का निर्माण करूंगा। दूरस्थ शिक्षा के लिये आनलाइन वैदिक पाठ्यक्रम आरंभ किये जायेंगे।" ~ THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM

विश्व भर के ऐसे युवा जो समृद्ध वैदिक परंपरा और आत्मबोध के विज्ञान को खंगालना और सीखना चाहते हैं उन्हें निःशुल्क आवास, भोजन एवं चिकित्सा उपलब्ध कराकर शक्तिशाली यौगिक क्रियाओ, वैदिक मंदिर विज्ञान एवं कला, वैदिक ज्ञान, वैदिक जप और काफी कुछ बताया व सिखाया जाता है। वे सभी प्रकार की लत (नाशिले पदार्थ, धूम्रपान आदि), अवसाद एवं अन्य मनोवैज्ञानिक समस्याओं से मुक्त हो जाते हैं। वे योग, ध्यान व ज्ञान के आचार्य बनकर विश्व में प्रमाणित हिंदुत्व का प्रचार-प्रसार करते हैं।

t नित्यानंद गुरुकुल, बेंगलोर आश्रम में आवासीय और गैर-आवासीय विद्यार्थियों के शिक्षण की योजना।

tविश्व भर में गुरूकुलो की स्थापना (भारत में राजपालयम, होसुर, सेलम, चेन्नई, एरोड, श्रीरागापडी, रासीपुरम्, हदैराबाद, मुंबई, बड़ौदा, पाण्ॅडिचेरी और वाराणसी में कार्य प्रगति पर)

tशिक्षकों एवं आधुनिक अवसंरचना के साथ एक पूर्ण वैदिक विश्वविद्यालय की स्थापना। tगुरुकुल विद्यार्थी कम समय मे पी .एच.डी उपाधि प्राप्त करके भावी प्रबुद्ध समाज की नयी पीढ़ी बनकर असामान्य ज्ञान शक्ति एवं धरती की समस्याओं के समाधान को धारण करेंगे।

tआगामी पांच वर्षों में 108 देशों में नित्यानंद बाल विद्यालयों (सप्ताहांत गुरुकुलो)ं की स्थापना प्रस्तावित। (यू.एस .ए, यू.के ., औसटरेलिया, न्यूजीलैंड, ओमन और सिंगापुर में कार्य प्रगति पर)

tभारत के सभी गांवों में गुरुकुल शिक्षा पद्धतिकी स्थापना।

भावी योजनायें