दीक्षित गृहस्थ
परमहंस नित्यानंद जी साधको को ऋ ं षि परंपरा में भी दीक्षित करते हैं। ये ऐसे साधक हैं जो पारिवारिक उत्तरदायित्व का निर्वाह करते हुए आत्मज्ञान की प्राप्ति के मार्ग का अनुसरण करते हैं, पति एवं पत्नी आध्यात्मिक पथ पर एक दूसरे का समर्थन करते हुए, अपने बच्चों को च्चों आध्यात्मिक शिक्षा प्रदान करते हैं।
किसी भी विवाहित युगल के लिए एक प्रबुद्ध गुरु के साथ निवास करना सर्वोत्तम सं योग है। हमें जो स्पष्टता प्राप्त होती है वो हमें जीवन को समग्रता में समझते हुए, अपूर्णताओ से पी ं ड़ित हुए बिना सरलता से अग्रसर होने में सहायता प्रदान करती है। असहमतियो की पुनरा ं वृत्ति काफी कम हो गई है, हम पर उनके प्रभाव की तीव्रता भी काफी कम हो गई है और हम शीघ्रता से सं भल जाते हैं। ऐसा स्वामीजी द्वारा वैदिक जीवन शैली से हमारे साथ साझा की गई अद्भुत तकनीको एं वं समाधानो के कारण ं है। स्वामीजी के मार्गदर्शन में हमारे दोनो बं च्चे, तत्त्व एवं परमेश, अदभुत युवाओ के रूप ं में खिल रहे हैं, बिना उस तनाव के जिसके साथ आम तौर पर उच्च प्रदर्शन वाले व्यक्ति रहते हैं।
- श्री ऋषि नित्य अद्वैतानंद, नित्यानंद ऋषि परंपरा प्रशासनिक प्रमुख, नित्यानंद विद्यापीठ
शिक्षा के माध्यम से जीवन को आभूषित करने की जीवन शैली से पहले, ऋषि अद्वैत फार्च्यून २०० कम्पनी में कार्यरत एक निपुण आईटी व्यवसायी थे।
ऋषि विश्व को आभूषित करने का उच्चतम उत्तरदायित्व लेते हैं। वे ध्यान एवं योग कार्यक्रमो के सञ् ं चालन द्वारा मानवता को चरम जीवन जीने की ओर अग्रसर करते हैं। वे टेलीविज़न कार्यक्रमो के सञ् ं चालन एवं ऑनलाइन साधनो के उपयोग से पर ं THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM जी के द्वारा व्यक्त किये गए पवित्र सत्यों की ओर विश्व का त्यों मार्गदर्शन करते हैं।