गुरु का सत्यनिष्ठ वैश्विक संघ
नित्यानंद पीठम, तिरुपथुर आदिनम्, तमिल नाड
नित्यानंद पीठम, कोयम्बटूर आदिनम्, तमिल नाड
नित्यानंद पीठम, तारामं गलम आदिनम्, तमिल नाडु
नित्यानंद पीठम, सीरगापाटी आदिनम्, तमिल नाड
नित्यानंद पीठम, सिरकाली आदिनम्, तमिल नाड
नित्यानंद पीठम, रासिपुरम आदिनम्, तमिल नाडु
नित्यानंद पीठम, पट्टनम आदिनम्, तमिल नाडु
नित्यानंद पीठम, मदु रै आदिनम्, तमिल नाडु
सं पूर्ण दिव्यता को समेटे यह भव्य वैभवशाली मंदिर पृथ्वी के अरबोंमनुष्यों की दैवी आस्था और भौतिक मनोरथ को पूर्ण करने का 'धाम' व महातीर्थस्थल बनेगा। इसका पवित्र ऊर्जाक्षेत्र मानव को पूजा, समर्पण, ध्यान और आगम विधियो से जुड़े उत्सवो द्वारा दिव्यता से जुड़ने व अनुभूति करवा कर वैदिक युग के आगमन की घोषणा करेगा।
स्वयंभू नित्यानंदेश्वर स्वर्णमं दिर नित्यानंद पीठम, बेंगलुरु आदिनम, भारत
वर्ष में THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM जी के पवित्र निर्देशन में विश्व के सबसे बड़े शिवमं दिर के निर्माण के लिये नित्यानंद पीठम, बेंगलुरु आदिनम में नित्यानंदेश्वर मं दिर का निर्माण आरंभ हुआ, जो आधुनिक युग में भगवान शिव के लिये पहला स्वर्णमं दिर है। मं दिर का निर्माण भगवान शिव के शासन अनुसार 'आगम शास्त्र' के आधार पर किया जा रहा है।
'' यह महादेव, शिव के लिये पहला स्वर्णमं दिर है। महादेव के पहले भी सोने से निर्मित मं दिर थे। तंजौर में (बृहदीश्वर मं दिर) सोने का मं दिर था। दु र्भाग्यवश, आक्रमण के समय इसका सोना निकाल लिया गया। आधुनिक युग में महादेव के लिये यह पहला स्वर्णमं दिर होगा।
मं दिर का मुख्य भाग स्वर्ण की परत से ढंका हुआ होगा – गर्भगृह, मुख मंडप (गर्भमं दिर के सामने स्थम्भ की सभा), अर्द्धमंडप, महामंडप, बसं त मंडप और आदि ..."
~ THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM जी
पत्थर के स्तम्भ और द्वारें जो आगामी मं दिर के लिए हैं ।
नित्यानंद पीठम, बेंगलुरु आदिनम के दिव्य सुवर्णमं दिर के निर्माण कार्य प्रगती पर है । पत्थर और मिटटी कार्य, तथा नीव की स्थापना ।
अध्यात्मिक प्रेरणा के रूप में परम पूज्य THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM जी ने निम्नवत् मं दिरो की स्थापना की :
- ® 15 हिंदू मं दिर, भारत में – बेंगलुर, सलेम, होसुर, राजपालयम, तिरुवन्नामलई, पोडंिचेरी, चेन्नई, इरोड, मदु रै, कांचीपुरम, हैदराबाद, वाराणसी, सीरगापडी, रासीपुरम तथा सिरक़ाज़ी में।
- ® 17 मं दिर विश्व भर में - अमेरिका में लॉस एंजेलिस, सियेटल, ओहायो, ओकलाहोमा, सैन होसे, न्यूार्क, सेंट लुई, फीनिक्स, ह्यूस्टन, शैरलट, वौशिङ्गटन डी सी। कै नडा में टोरंटो, न्यूजीलैंड, सिगापुर, गुआ ं डेलुप, ओमान। आस्रेट्लिया में मेलबोर्न, मलेशिया में क्वाला लम्पुर।
- ® भारत में 8 और मं दिरो की स्थापना हेतु कार्य चल रहा है।
ये मं दिर दिव्य ऊर्जा केंद्र व अध्ययन केंद्र के रूप में लोगों को उनके स्थानो तक वैदिक जीवन पद्धति को पहुंचाने के रूप में सेवा प्रदान कर रहे हैं ।