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आश्रम मे ताड़पत्र की प्राप्ति, उपचार एवं छपाई
ग्रं थ समाधि वैदिक ज्ञानालय: हिंद ु त्व में सबसे बड़ा ज्ञान
संग्रह कें द्र
विद्या नाम नरस्य रूपमधिकम् प्रच्छन्नगुप्तम् धनम् विद्या भोगकरी यशस्खकरी वि सु द्या गुरूणाम् गुरूः। विद्या बन्धुजनो विदेशगमने विद्याम् परम् दैवतम्।
पवित्र विद्या नर का परम सौदर्गं और गुप्त निधि ह।ै विद्या से विभिन्न सुखो ंएवं सफलताओ ं का आनंद लिया जा सकता है और यह सभी गुरुओ की ं स्वामी है। विदेश यात्राओ से ं समय, विद्या हमारी बन्धुहै। विद्या परम देवता है। ~ नीति शतकम, २०
"सभी ज्ञानालयो को 'ग्रन्थ समाधि' से सं भोदित किया जाना चाहिये, जिसका अर्थ है आध्यात्मिक पुस्तको का ऊर ं ्जाक्षेत्र। ग्रन्थ सजीव देवता स्वरुप हैं।" ~ THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM
विश्व के विशालतम पुस्तकालय एवं अनुसंधान केंद्र में 2 करोड़ पुस्तकों का एकत्रीकरण एवं संग्रह। इनमें वेद, उपनिषद, आगम, दर्शन शास्त्र, पुराण, इतिहास एवं स्मृतियों का समावेश रहेगा और इसे ज्ञान के देवता के रूप में पूजा जायेगा। विशाल वैदिक ज्ञान के लिये निःशुल्क इंटरनेट उपलब्ध कराना। ताड़पत्र के साहित्यों का सं ग्र त्यों ह,
सं रक्षण एवं डिजिटीकरण। tताड़ पत्रों पर त्रों वैदिक ज्ञान की छपाई, वैदिक काल के गर्न्थो के भाति।
उपलब्धियां
- ® अब तक 48,520 हिदं त्वु की पुस्तको ं का विश्व भर मे सं ग्रह, अनेक हिन्दू व विदेशी भाषाओ ं में। इनमें वैदिक ग्रथो,ं जीवन विज्ञान, दर्शन शास्त्र, योग, महान अवतारो ं एवं गुरुओ,ं समकालीन शिक्षा के क्षेत्रों जैसे कम्प्यूटर विज्ञान एवं इन्जि नीयरिन्ग जैसे क्षेत्रों की पुस्तको ं का स क्षेत्रों मावेश है।