गौ माँता, प्रेम व दया रुपी माँता
गौशाला से दिव्य सुगंध एक शुद्ध वैदिक अनुभव है और वैदिक पुनर्जागरण को पुनर्पुष्ट करती है। गाय को कुछ भी दिया जाय सदैव सर्वोच्च ऐश्वर्य प्रदान करता है। दिव्य गायों के उपहार और प्रेमाभाव के साथ उसकी सेवा से बढ़कर कोई दूसरा बड़ा उपहार हो नही सकता है। हम प्रतिबद्ध हैं किः t 1000 गायो की एक विशाल गौशाला का निर्माण। विशसं रचना का निर्माण करके 'कामिका' आगम में वर्णित वैदिक निर्देशो के अनुसार गायो को आनन्दमय वातावरण उपलब्ध कराना। t अमानवीय वध से गायो को सुरक्षित करना। गायो की सुरक्षा परम धर्महै, क्योंकि गाय सनातन धर्म का शाश्वत मूल हैं। t दग्धु , गौतीर्थ, गोमय, घी और दही से पंचगव्य उत्पादों का प्रचार-प्रसार करना। इनमें अनंत सात्विक लाभ होते हैं। वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है कि गायो के उत्पाद अन्य औषधियों से ठीक न होने वाले अनेक मानसिक-शारीरिक विकारो को ठीक करते हैं। t मानवता के बीच गौशालाओ के निर्माण हेतु जागरुकता का प्रसार करना।