प्रबुद्ध योगियो के ं वंशज
सं त पतञ्जलि
परम पूज्य श्री नित्यानंद गहरी योग प्रथाओंमें लीन
योगिराज योगानंद पुरी (रघुपति योगी)
जन्म से ही सिद्ध योगी THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM को सं त पतञ्जलि की चेतना और भाव-भं गिमा से युक्त महान योगिराज योगानंद पुरी (रघुपति योगी) द्वारा योग के पथ पर प्रशिक्षित किया गया।
परम पूज्य स्वामी जी को विलुप्त हो चुकी योगिक शक्तियोंजैसे उत्तोलन , टेलीपोर्टेशन और पदार्थिकरण की शिक्षा दी| उनकी कुशल शिक्षा प्रणाली के तहत THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM जल्द ही योग के उच्च स्तर तक पहुंच गए|
स्वामी जी ने वैदिक शास्त्रों जैसेपुराण और उपनिषदो की शि ं क्षा विभिन्न गुरुओ से ं प्राप्त की|
पृथ्वी पर यौगिक शरीर वाले प्रबुद्ध योगियो की एक नयी प्र ं जाति का निर्माण हो रहा है, जिनके पास यौगिक शरीर क्रियाविज्ञान के पांच अवयव
- शारीरिक बनावट, शक्ति, सहनशक्ति, लोचशीलता और ऊर्जा विद्यमान हैं। मानवीय क्षमताओ की ं महत्तम अनुभूति के लिये मनुष्य में जागृत करने योग्य आंतरिक स्थिर ऊर्जा- कुण्डलिनी शक्ति व अन्य रहस्यात्मक यौगिक सिद्धियो को धारण ं हेतु यौगिक शरीर का होना अनिवार्यहै।