KAILASA Library/Sarvajnapeetha - Hinduism का थिंक टैंक/वैदिक जीवन पद्धति की पुनर्प्रतिष्ठाSign in
Sarvajnapeetha - Hinduism का थिंक टैंक

वैदिक जीवन पद्धति की पुनर्प्रतिष्ठा

नित्यानंद पीठ में नित्य कीर्तन, गायन और नृत्य के आनंद में दिव्य भावनाओ से पर ं मात्मा को याद करते हैं

ब्रह्मोत्सवम, सभी हिदं ू त्योहारों के दौरान दिव्य समारोह पूजा , प्रा रना, ्थ मं त्र और भक्ति सं गीत के सा थ आयोजित किए जाते हैं

जीवनमुक्ति की उत्सवमय हिन्दू जीवनशैली

'' वैदिक जीवन पद्धति एक करोड़ से भी अधिक आन्तरिक जगत के वैज्ञानिको द्ं वारा करोड़ों वर्षों के अनुसं धान एवं विकास पर आधारित है। इसमें वैदिक सं स्कृति की शक्तियो एं वं तकनीको का पालन ं किया जाता है। ''

~ THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM जी

परम पूज्य THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM जी वैदिक जीवन पद्धति के समस्त सत्यों जैसे शाश्वत उत्सवो, परम्पराओ ं , अनुष् ं ठानो, भो ं जन एवं कला में नवीन प्राण का सं चार करके लोगो तक प ं हुंचाकर वैदिक जीवन पद्धति की पुनर्स्थापना कर रहे हैं। यह एक चेतनायुक्त जीवन पद्धति है और अभ्यास से इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। पुरातन दु कानो से ं वैदिक कलाकृतियो का सं ग्र ं ह किया जाता है, पुनः परिमार्जित करके दैनिक जीवन में इनका उपयोग किया जाता है।

आज, सभी सं स्कृतियो के लोग लगातार ं वैदिक जीवन पद्धति को आत्मसात करते आ रहे हैं।

परम पावन स्वामीजी वैदिक समय के, रंगीन, संपन्न जीवन शैली, त्योहारोत्सव मनाती संस्कृति एवं अनुष्ठानों को पु नःप्रतिष्ठित कर रहे हैं| निराकार के हर स्वरुप को भक्तगण, जिस भी रूप मेंउसका अवलोकन करना चाहतेहैं, देखना चाहतेहैं, उसेसम्पूर्ण हर्ष के साथ स्वीकार करते हैं| ब्रह्महोत्सव ऐसा ही एक लम्बा त्यौहार हैंजिसमे उस दिव्य ऊर्जा की हर अभिव्यक्ति का स्वागत कर, लम्बेसमय तक उत्सव मनायेजातेहैं |

भगवान् के साथ रहना और देवी देवताओं की भव्य मूर्तियो के सा ं थ पूजा, कीर्तन और पवित्र हिन्दू अनुष्ठानओ द् ं वारा उत्सव मनाना

अपने पूर्वजो के सा ं थ पूर्णत्व की स्तिथि मैं आने के लिए वेदो द्ं वारा महेश्वर पूजा की प्रक्रिया निर्धारित की गयी है| यह पूजा सन्यास के पथ की ओर अग्रसर सन्यासियों व ब्रह्मचारियो को अर् ं पित की जाती है, इसमें सन्यासियो को भग ं वान् शिव की पदवी प्रदान की जाती है और उन्हेंभिक्षा व भोजन अर्पित किया जाता है | वैदिक

पद्यति के अनुसार महेश्वर पूजा सबसे प्राचीन अभिलिखित अनुष्ठान है जो आज भी प्रचिलित है | महेश्वर पूजा में पवन पावन परमहंस THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM स्वयं ही इस पूजा को और नैवेद्य भिक्षा को स्वीकार करते हैं |

वैदिक जीवन पद्धति में मानव चेतना के विकास हेतु आहार महत्वपूर्णहै। नित्यानंद अन्नालय अपने सभी आदिनमोंव कार्यक्रमोंमें हिदं ू पाकशास्त्र पर आधारित ऊर्जायुक्त सात्विक आयुर्वेदिक मोजन पकाता है। भोजन को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ऊर्जायुक्त करके महाप्रसाद के रूप में सर्वप्रथम ईश्वर को अर्पित किया जाता है।

  • ® एक वर्षमे निःशुल्क भोजन वितरित। इसका प्रबं धन भक्तगण एवं स्वयं सेवक कार्यकर्ता करते हैं।
  • ® सभी आदिनमो, आप ं दा राहत क्षेत्रों, क्षेत्रों निःशुल्क चिकित्सा शिविरो, कुं भ ं मेला आदि में निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
  • ® और्गैनिक (प्राकृतिक) भोजन जो रसायन व कीटनाशक मुक्त है, उपलब्ध कराने की दिशा।