इनर अवेकनिगं ® से आयुवद्धिृ - वैज्ञानिक प्रमाण का रहस्योद्घाटन डा.कृ ष्ण द्वारा लेखन
कल्पतरु कार्यक्रम महत्वाकांक्षाओ को स ं त्य में बदलने का विज्ञान
मात्रात्मक स्टेम सेल विश्लेषण
मूल कोशिकाएँ विशिष्ट कोशिकाएँ हैं,जो सैद्धांतिक रूप से अमर हैं। हालांकि विभाजित होने के बाद उनका एक सीमित जीवनकाल होता है जो कि उन कोशिकाओ के विभा ं जन
की सं ख्या पर निर्भर करता है।
एक भ्रूण के रूप में, हमारे पास स्टेम सेल का एक बड़ा बैंक है जो कि प्रभाविक रूप से बहुशक्तिशाली स्टेमकोशिकाओं में वयस्कता की सं ख्या को कम करती है। आइ.ए. प्रतिभागियो से ल ं िए गए 100 रक्त के नमूनो कापर ं िधीय रक्त में स्टेम कोशिकाओ के ं मात्रात्मक उपस्थिति के लिए परिवर्तित किया गया । प्रथम दिन और २१वे दिन के सैम्पल-डाटा की तुलना की गयी।
सांख्यिकीय रूप से इनर अवेकनिं ग के बाद कोशिकाओ की गणना ं में प्रभाविक रूप से वृद्धि हुई, पी मूल्य के साथ, पी 0.001 से कम । यह 21 दिनोंमें मूल कोशिकाओ की ं सं ख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। मूल कोशिकाओ की ं जनसं ख्या सीधे उम्र बढ़ने से जुड़ी हुई है, और साथ ही यह जनवरी 2014 क्लीनिकल मेडिसिन के जर्नल में प्रकाशित किया गया था।
टेलोमोरेज अध्ययन
टेलेमोरेस एलोमेर्स, डी.एन.ए. युक्त क्रोमोसोम के लिए सुरक्षा कवच की तरह है। उम्र
के साथ व्यक्ति में टेलोमेरेस की कमी और उनकी अंततः उनकी अनुपस्थिति बुढ़ापे और म्रत्यु का कारण बनती है। जीन की लंबाई को बनाए रखने के लिए ज़िम्मेदार एंजाइम को टेलोमिरेज कहा जाता है। सामान्य वयस्कों में नगण्य टेलोमिरेज गतिविधि होती है, और इसलिए उनका जीवन काल बहुत ही सीमित होता है।
प्रथम ०वे से २१वे दिन १०० इनर अवेकनिं ग® प्रतिभागियो की पर ं िधीय रक्त कोशिकाओंमें,
TDA परीक्षण किया गया। कार्यक्रम के अंत में अत्यधिक परिवर्तन पाया गया । सभी प्रतिभागियोंमें कम से कम 0.5 गुना परिवर्तन देखा गया, इनमे से 47 प्रतिभागियो ने 0 ं.5 से 2 गुना परिवर्तन देखा गया (3 से 4 गुना परिवर्तन)। पूरे समूह का औसत परिवर्तन 0.68-1.3 था। वर्तमान चिकित्सा साक्ष्य सलाह देता है, एक टेलोमिरेज गतिविधि या टेलोमेर की लंबाई में महत्वपूर्ण परिवर्तन का पता लगाने के लिए में कम से कम 4-5 महीने की जरूरत होती है। बोस्टन अनुसं धान समूह की एक अध्ययन के अनुसार जो PLoS में प्रकाशित की गयी थी, चिं ता, भय और अन्य इसी तरह की भावनाएँ (अपूर्णता) जीवनकाल को छोटा करती है। इनर अवेकनिं ग कार्यक्रम® से स्वास्थ्य सुधार पर सं चित प्रश्नावली आधारित सर्वेक्षण ।
सारांश
वर्तमान चिकित्सा प्रमाण से यह साबित होता है कि माइटोकॉन्ड्रिया, स्टेम कोशिकाएं , भावनाएं , और टेलोमिरेज गतिविधि सीधे उम्र बढ़ाने की प्रक्रिया से जुड़ी कोशिकायें हैं। वर्तमान चिकित्सा उपचार का उद्देश्य उसी का औषधीय सुधार है। इस 21 दिवसीय कार्यक्रम में माइटोकॉन्ड्रिया, स्टेमसेल एवं जीन अभिव्यक्ति के रास्ते बदलकर, गैर-औषधीय वृद्धि का पहला प्रत्यक्ष प्रमाण, 4 साल से अधिक सं रचित अध्ययन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। पूर्णत्व की प्रक्रिया के माध्यम से अपूर्णता के प्रतिकू ल प्रभाव को सही कर इस प्रमाण को प्राप्त किया गया।
निष्कर्ष
शरीर का अमरत्व ब्रह्मांड की योजना में नहींहै। हालांकि हमारे प्राचीन शास्त्रों के स्त्रों आधार पर, उचित प्रक्रियाओ के ं माध्यम से, अच्छेस्वास्थ्य और योगिक शरीर के साथ एक व्यक्ति के जीवन में वृद्धि करना अवश्य ही सं भव है ।
एक दिवसीय कार्यक्रम, कल्पतरु प्रतिभागियो को अपनी ं किसी भी सच्ची मनोकामना को पूर्ण करने के प्रति सशक्त करता है| वैदिक सं प्रदाय में आत्मज्ञानी गुरु कल्पतरु वृक्ष की भांति सीभी मनुश्यों की स श्यों च्ची महत्वकांक्षा को सत्य में फलीभूत कर सकते हैं |
एक जीवं त गुरु के साथ कल्पतरु दर्शन प्रतिभागियो को ं अपने भविष्य को नए रुप में लिखने के लिए सशक्त करता है |THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM न सिर्फ लोगो की इ ं च्छाओ को पूरा करने ं का आशीर्वाद देते हैं अपितु उन्हें सही महत्वाकांक्षाओ की ं समझ भी प्रदान करते हैं|