भावी योजनायें……
डॉ माँ आतमप्रियनंदा स्वामी एक आध्यात्मिक आरोग्यकार और सं न्यास शिष्य परमहंस नित्यानंदा की है। वह यात्रा करते आ रहे है और प्रति दिन तमिलनाडु के विभिन्न भागों में सैकड़ों हीलिं ग कॉल्स में भाग लेते और एक विशेषज्ञ दूरी आरोग्यकार भी है। लोग उपचार के लिए सिर्फ एक ही टेलीफोन अनुरोध में स्वस्त ठीक होने का अनुभूति करते हैं। स्वामीजी ने दीक्षा देकर उन्हे एक चिकित्सा छड़ी दिया और आशीर्वाद दिया की वे जो भी व्यक्ति को उपचार करते हैं, उनके स्वास्थ ठीक कर सकते हैंI
डॉ माँ आतमप्रियनंदा अपने चेतना में 'आनंद 'गन्ध (ब्रह्मांडीय ऊर्जा केंद्र जागृत द्वारा अवतार) लाते है और स्वामीजी को स्मरण करते हुए व्यक्ति को छड़ी के साथ स्पर्श करते चिकित्सा देते हैं I जब फोन पर चिकित्सा देते है, व्यक्ति की छवि लाते है और अगर चित्र प्रस्तुत करते हैं तो वह चित्रा को छड़ी से स्पर्श करते हुए चमत्कारी रूप से पीड़ित को राहत मिलने दी रिपोर्ट और लंबी बीमारियो को ं दीनो मे ही ठीक करते हैं I
माँनित्या ज्योतिकनंदा स्वामी, स्वामीजी परमहंस नित्यानंद से आशीर्वाद प्राप्ती के पश्चात, एक आध्यात्मिक आरोग्यकार के रूप में काम शुरू किया I स्वामीजी से आशीर्वाद लेते हुए समय को याद करते हुए, उनके कहे गया शब्दों को शब्दों दोहरातें हैं "जो भी व्यक्ति इस छड़ी से स्पर्शकिया जाता हैं, वे कोई भी रोग से मुक्ति पा सकते हैं", और फिर धीरे से चिकित्सा छड़ी व्यक्ति या व्यक्ति की छवि पर रखते है। चमत्कारिक ढंग से कई तुरन्त दर्द से बाहर निकलना और यहां तक कि
उन गंभीर चिकित्सा शर्तों के साथ एक चमत्कारी इलाज के कई नियमित रूप से मेडिकल सिस्टम के द्वारा दिए गए कु छ ही घं टो के भीतर अनुभ ं व करते हैं I 'उपचार तुरन्त, होता है स्वामीजी के आशीर्वाद के साथ' माँज्योतिकनंदा स्वामी कहते हैं। घुटने के दर्द से आपातकालीन चिकित्सा शर्तों के लिए, लोगो की ं मांग की है और चमत्कारी वसूली का अनुभव किया।
परिकल्पना है कि जो लोग वैदिक सत्य को जीने के इच्छुक है, उन्हेप्रेरणा देना, शिक्षा व शक्ति प्रदान करना जिससे कि वे वेद माता की रक्षा कर सके । इन निम्नलिखित प्रकारो से विश्वभर मे वैदिक धर्म क प्रचार-प्रसार होगा:
- ® नवआकाक्षिं यो ंको हिदं त्वु से परिचत कराना समरस, स्वस्थ एवं सुखमय जीवन जीने के लिये ।
- ® पहले से अभ्यास करने वालो ंको अभ्यास में अधिक प्रमाणिक होने के लिये प्रेरित करना।
- ® अनुष्ठानो,ं प्रभावशाली प्रवचनो ं एवं तकनीको ं के माध्यम से वैदिक जीवन पद्धति के प्रचार-प्रसार के लिये पुजारियो ं एवं आचार्यों को प्रशिक्षित करना।
- ® प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों एत्वों वं अध्यात्मिक नेताओ ं को सनातन हिं दू धर्मजीने के लिये शिक्षित और शक्तिसम्पन्न बनाकर वैश्विक विश्वविद्यालयो ं एवं शिक्षण सं स्थानो ं में हिं दू पीठ पर स्थापित करना।
इस प्रकार, प्रबुद्ध वैदिक सभ्यता को पुनर्स्थापि त किया जायेगा और इसे मौलिक अवतारो ंतथा ऋषियो ंकी परिकल्पना के अनुरूप एक नवीन एवं उच्चतर चेतनायुक्त सम्भावना पर ले जाया जायेगा।