KAILASA Library/Sarvajnapeetha - Hinduism का थिंक टैंक/सं सार के आरोग्य हेतुSign in
Sarvajnapeetha - Hinduism का थिंक टैंक

सं सार के आरोग्य हेतु

अध्यात्मिक उपचार में दक्ष सं न्यासी विश्वभर में पीड़ितो को अध् ं यात्मिक आरोग्य प्रदान करते हैं

THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM स्वामीजी डॉ.श्री प्राणनंदा स्वामी को चिकित्सा मे दीक्षा देकर अपने सकिर्य छड़ी दिया और आशीवाद देते हुए कहा "यह एक वैडयशवरा (एक महान आरोग्यकार) हो जाएगा। जो व्यक्ति कोई भी बीमारी की चिकित्सा के लिए आए,इस सक्रिया छड़ी से स्पर्श करते ही वे टीक हो जाएँगे"I तब से वे ईमेल और फोन के माध्यम से, दूर से भी, चिकित्सा देने लगे| श्री प्राणनंदा स्वामी कहते हैं "मुझे बेजे गये चित्र लेकर, अपने आप को आनंद गन्ध स्थिति मे लाकर, चित्र पर चिकित्सा छड़ी से स्पर्श करते चिकित्सा देता हूँ| लोग तत्काल उपचार यानी २ से ३ मिनट के भीतर रिपोर्ट कर रहे हैं। में सिर्फ़ उनसे स्वामीजं ी को प्रार्थना करने को कहता हूँ और वे कहते हैं की वे तुंरांत अपने शरीर के मध्यम से उर्जा अनुभूति करते है"|

THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM स्वामीजी श्री ज्ञाणस्वरूपनंदा स्वामी को आशीर्वाद देकर, स्वामीजी की स्वर्ण

भाला दिया और कहा, ' जो कोई भी तुम स्पर्श करोगे वे ठीक हो जाएँगे| आप उस व्यक्ति का चित्र स्पर्श कर सकते हैं या फोन के द्वारा या आप दूरी से चिकित्सा दे सकते हैं । श्री ज्ञाणस्वरूपनंदा स्वामी कहते हैं "जिस क्षण मैं भाला से कोई भी व्यक्ति को स्पर्श करता हूँ, और स्वामीजी के चहेरा मेरे मन में लाता हूँ, और शरीर में उर्जा प्रवाह अनुभूति कर सकता हूँ तब मुझे पता है कि व्यक्ति ठीक हो गये| मैंने स्वामीजी से यह दीक्षा प्राप्त करके बहुत भाग्यशाली मानता हूँ और मैं अब किसी को भी, जो भी तरह की उपचार की जरूरत है, मैं उनके लिए के लिए उपलब्ध है।

व्यक्तिगत रूप में, फ़ेसबुक पर या फ़ोन चैट आदि के माध्यम से उपचार कर रहे हैं। वे कहते हैं, जिस क्षण इस त्रिशूल के साथ किसी को स्पर्श करती हूँ और अंतर में शिओहां कि अनुभूति करती हूँ, बस स्वामीजी और त्रिशूल के माध्यम से बहता ऊर्जा से अन्य व्यक्ति उपचार अनुभूति करते हैं|

माँ नित्या प्रेमतमानंदा स्वामी एक विशेषज्ञ और दूरी आरोग्यकार के रूप में परम पावन श्री THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM स्वामीजी द्वारा दीक्षा दिए गये हैं । वे कहती हैं, "स्वामीजी एक चिकित्सा विशेषज्ञ और एक लं बी दूरी आरोग्यकार का दीक्षा देकर, किसी को भी, दोनो, ं व्यक्ति में या यहां तक कि उनकी चित्र के साथ एक सक्रिय चिकित्सा भाला का उपयोग से लोगो के ं स्वासत ठीक करने के लिए मुझे आशीर्वाद दिया। यह स्वामीजी से एक असाधारण उपहार है और मैं अपने आप को धन्य मानति हूँ और दनिु या के साथ साझा करती हूँ"I

tव्यक्गित, तीव्र विकास और उच्च उपलब्धि प्राप्त करके वैश्विक नेतृत्व की आकांक्षा वाले सभी पृष्ठभमिू के युवाओ ंके लिये सं न्यास को एक लाभप्रद विकल्प के रूप में बनाना। t10 लाख सं न्यासियो ं को दीक्षित करना, जो जीवन मुक्ति मे निर्वाह करे एवं अन्य लोगो ं में सं चारित कर सकें tभारत में सं न्यास प्रशिक्षण केंद्रों की स् द्रों थापना द्वारा उचित वैदिक अध्ययन एवं जीवनशैली की शिक्षा प्रदान करना।