तृतीय नेत्र जागरण
अवतार पुरुष THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM जी की साक्षात दीक्षा द्वारा तृतीय नेत्र जागरण संभव है।
'तृतीय नेत्र' अथवा आज्ञा चक्र, जो कि भृकुटि (भौ) के मध्य में स्थित होता है, एक गुप्त (गूढ) ऊर्जा केंद्र है और उच्चतम चेतना और सिद्धियों का प्रवेश द्वार है।
बायें - नित्यानंद गुरुकुल द्वारा आंख पर पट्टी बांधकर की जा रही पढ़ाई। साथ में हैं कांची शंकर मठ में बच्चे श्री जयेन्द्र सरस्वती स्वामीगल और श्री थोडं ाई मंडल अदिनम गुरू महासन्निधानम। दायें - बिजनेस एडवोके सी सम्मेलन वाशिंगटन डीसी, यूएसए में आंख पर पट्टी बांधकर पढ़ाई करती शिष्य।
Third Eye demonstration to
हमारा पूरा पालन पोषण हमारे बच्चों को वास्तव में नीचे ला रहा है। वे पहले से ही संपूर्ण हैं, और भोलेपन, सरलता एवं प्रज्ञा के साथ पैदा होते हैं। उन्हें केवल एक उचित वातावरण, और उच्च चेतना का सही मार्गदर्शन चाहिए, जिससे कि वो अपने उन असाधारण आयामों को व्यक्त कर पाएं जो कि आधुनिक शिक्षा और सामाजिक प्रणाली से अवरोधित हो जाते हैं। - THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM