KAILASA Library/Sarvajnapeetha - Hinduism का थिंक टैंक/नित्य क्रियाSM के आधारभूत यौगिक शास्त्रSign in
Sarvajnapeetha - Hinduism का थिंक टैंक

नित्य क्रियाSM के आधारभूत यौगिक शास्त्र

"मैंने कभी किसी भी विधि के द्वारा इतना शीघ्र चीनी के स्तर को नीचे गिरते नहीं देखा है । यह अभूतपूर्व है !" - हयूस्टन, टेक्सस (USA) से रिकार्डो बोरेइकी

63 वर्षीय यह व्यक्ति जो कि पिछले 33 वर्षों से मधुमहे रोग से पीड़ित थे, नित्यक्रिया के अभ्यास के उपरांत इन्होने चमत्कारी उपचार का अनुभव किया | रिकार्डो बोरेइकी कहते हें कि उनका ब्लड शूगर का स्तर 300 व 400 के भीतर था और उनको प्रत्दीन 45 यूनिट इन्सुलिन लेनी पड़ती थी और अब उनका शूगर का स्तर 85 पर स्तिथ हो गया है और 5 यूनिट इन्सुलिन ही लेनी पड़ती है जब से नित्य क्रिया का अभ्यास शुरू किया है।

नित्य क्रियाSM से उपचारो का अनुभ ं व

"मझु े पिछले 16 वर्षों से मधुमहे की बीमारी है और पिछले 3 वर्षों बहु में यह बद गयी थी - साधारण से 3 गुना अधिक। मैंने टोरंटो नित्यानंदेश्वर हिन्दू मं दिर में मधुमेह क्लिनिक का एक सप्ताह के कोर्स में भाग लिया था। मैं आशचर्यचकित रह गया और मेरी शुगर का स्तर साधारण स्तर पर आ गया और मेरे डाक्टर ने मेरी दवाई आधी कर दी। मेरे शरीर और मन की स्तिथि दोनोंमें सुधार हुआ है। - परिमल पर्मनाथन, टोरंटो, कनाडा t मूल हिं दू परम्परा पर आधारित योग हेतु प्रमाणीकरण सं गठन के रूप में स्थापित होना। वैदिक ग्रंथों पर आधारित प्रमाणिक योग शिक्षण के लिये विश्व स्तर पर योग शिक्षको, योग ं शालाओ एं वं योग सं स्थानो प्रं माणपत्र दिये जायेंगे। t यौगिक ग्रंथो द्ं वारा प्रत्यक्ष प्रमाणित यौगिक तकनीक की विश्व के सबसे विशाल पुस्तकालय की स्थापना।

t विश्व को योग के प्रमाणिक विज्ञान से परिचित कराने के लिये 1000 से अधिक नित्य योग आचार्यों की नियुक्ति करना। t योग को वैश्विक स्तर पर एक शक्तिशाली विज्ञान के रूप में स्थापित करना जिससे मानव शरीर, मन एवं चेतना का निर्माण हो और मानवता स्वस्थ, सुखद व बोधमय जीवन जिये।

भावी योजनायें ...

INR 50 करोड़

वैसे तो मैं कई वर्षों से योग सिखा रही हूँ परन्तु सिखाने का सम्पूर्ण केंद्र ध्यानपीठं आश्रम बिड़दी से सन २००७ में नित्य योग टीचर ट्रेनिग के को ं र्स के बाद नाटकीयढंग से बदल गया जहाँ स्वामीजी ने मुझे विधिवत योग प्रशिक्षक बनाया।

बहुत वर्षों तक शरीर व मन पर काम करने के बाद मैं योग के मूल अध्यात्मिक तत्व को अपने अन्दर स्तिथ कर पाई । मैंने अपने और विद्यार्थियोंमें तीव्र परिवर्तन का अनुभव किया ।

  • माँ नित्यानंद बोधना, ओहाइयो , यू.एस.ऐ

नित्य योग सीखने से पहले मैं 2001 से एक प्रमाणित योग प्रशिक्षक के रूप कार्य कर रहा था पर मैं आसन के केवल शारीरिक पहलुओ को ध् ं यान में रख कर, अहंकार भाव से, आसन और प्राणायाम सिखा रहा था। योग की गहरी समझ और अनुभव तब प्राप्त हुआ जब स्वामी नित्यानंद ने नित्य योग को मेरे जीवन में उतारा जिसने मेरे मूल यौगिक अभ्यास को पूरी तरह से बदल दिया।

नित्य योग ने न केवल मेरे जीवन की रिक्त्तताओ को पू ं र्णकिया परन्तु योग के ऐसे रहस्यों को खोला है जिसेस हम उस निराकार से समागम बना सकते हैं ।

माँ नित्य दर्गा ु नंदा, सिगापुर ं

आतंरिक जाग्रति कार्यक्रम के दोरान मैंने अपने शरीर में सिर्फ प्रबलता ही नही बं ल्कि हल्केपन का भी अनुभव किया । मुझे अपने अभ्यास की सं भावनाए दिखने लगी जो कि मुझे पहले नही दिख र ं ही थी । आसन खेल के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण भी हैं जो कि आरम्भको से ले कर प्रग ं तिशील सहभागियो के ल ं िए सभी स्तर पर उपलब्ध है । पूर्णत्व और विशुद्ध रूप से सुनने के विज्ञान का प्रयोग करने के कारण योग की मुद्राओ से ं मुझे योग का अबतक का सबसे उत्क्रष्ट अनुभव प्राप्त हुआ है ।

  • सिन्त्ब्या, नर्सिसी, इल, यू.एस.ऐ

नित्य योग मेरे लिए जीवन परिवर्तन से कही अधिक है जिससे मैंने अपनी वास्तविकता को समझा । कुण्डलिनी जाग्रति से मेरी चेतना और अपने आपको और दूसरो को सुनने कि क्षमता में महत्वपूर्णवद्धिृ हुई है। हालाँकि यहाँ आने से पहले मैं योग के क्षेत्र में काम कर रही थी, किन्तुमेरे लिए ये किसी आश्चर्य से कम नहींथा किस प्रकार मेरा शरीर निरंतर रूपांतरित हो रहा था। हर दिन मैं अपने अभ्यास में गहराई तक जा रही थी और पूर्णत्व अनुभव कर रही थी, क्योंकि मेरा शरीर हल्का ,लचीला और अनुकू ल बन गया था।

मैंउन आसनो को करने ं में भी सक्षम हो गई जिनको में पहले आसानी से और जागरूकता के साथ नही कर पा र ं ही थी ।नित्य

योग से न सिर्फ मेरे मानसिक साँचे.. बल्कि मेरे शारीरिकसाँचे भी समाप्त हो गए। दर्द की मांसल स्मृति समाप्त होने से अब मैं जान पा रही हूँकि जीवन सं भावनाओ से भरा हुआ है ।

  • ऐना बेलें, मेक्सिको सिटी, अभिनेत्री

नित्य योग से मैंने पूर्णत्व की अनुभूति की है। पहले मैं नित्य योग सीखने में प्रतिरोध कर रही थी क्योंकि मैं पहले से ही एक अलग योग का अभ्यास कर रही थी । प्रतिरोध के होते हुए भी पतंजलि ध्यान के प्रथम सत्र में मुझे मुक्ति का ऐसा अनुभव हुआ, कि मेरे आंसूं बहने लगे। ये मेरी मांसल स्मृति में लम् सबे मय से सं गृहीत थे जो कि बाहर निकल गए ।

ये मेरे रूपांतरण का प्रमुख भाग था। नित्य योग मुझे जीवन की प्रत्येक कठिन परिस्थिति, को सुलझाने के लिए विश्वास देता है, जिसका सामना मैं कर रही हूँ ।

  • मैरी मब्री, कै लिफोर्निया, यू.एस.ऐ

यदि योन्यां प्रमुञ्चामि साङ्ख्यं योगं समाश्रये असुभक्षयकर्तारं फलमुक्तिप्रदायकम् यदि योन्यां प्रमुञ्चामि तं प्रपद्येमहेश्वरं असुभक्षयकर्तारं फलमुक्तिप्रदायकम् ।।

जब मैं इस गर्भ से बाहर आऊं तो मैं सांख्य योग की शरण में रहूं, जो कष्टों को ष्टों नष्ट करता है और मुक्ति प्रदान करता है। जब मै इस गर्भ से बाहर आऊं तो मैं महेश्वर (शिव) की शरण में रहूं, जो कष्टों को न ष्टों ष्ट करके फल स्वरुप मुक्ति प्रदान करते हैं।

~ गर्भोपनिषद, ४

वैदिक काल में, गर्भाधान एवं गर्भ एक सचेतन प्रक्रिया थी, उसके द्वारा इस पृथ्वी पर अनेक उच्च चेतनापूर्ण बालको ने ं जन्म लिया।

एन प्रेग्नेन्सी SM इसी वैदिक विज्ञान का पुनरोत्थान है जिससे कि प्रबुद्ध मनुष्यों की ्यों नयी पीढ़ी का निर्माण किया जा सके । यह गर्भ को एक 'घटना' नही, बं ल्कि सचेतन विकल्प के रूप में ग्रहण करके अभिभावको को अपनी भा ं वी सं तान की अनुवांशिक अभियांत्रिकी (एन पेरेनटिन्ग कार्यक्रम) की शक्ति प्रदान करता है।

एन प्रेग्नेन्सी SM क्या है?

''एन प्रेग्नेन्सी SM एक 'दिव्य हवाई पट्टी' है। यह धरती को समृद्ध करने के लिये आवश्यक आत्माओ के अ ं वतरण हेतु आरोग्य एवं प्रबोधन ऊर्जा से युक्त एक 'दिव्य स्वागत केंद्र' है।'' ~ THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM

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