प्राचीन वैदिक विज्ञान ने अमेरिका में खलबली मच दी
- ®भोजन की चाह से मुक्ति , ये सिद्धि THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM द्वारा दी जाने वाली कई सिद्धियो में से एक है, जो वे अपने इच्छुक भक्तो को प्रदान करते हैं। वैदिक परिपाटी ये बताती है कि एक अवतार पृथ्वी पर जन मानस में नयी सं भावनाओ को ं जागृत कर कई सिद्धियो को प्रदान करता है, उसका जीवन अलौकिक घटनाओ से पर ं िपूर्ण होता हैं। सैकड़ो वर्षो पहले , वैदिक सं स्कृति के मनुष्य इस तरह से भोजन के चंगुल में फं से नही हुए ं थे जिस तरह वे आज के युग में हैं। आज भोजन एक लत की तरह मनुष्य जीवन को बर्बाद कर रहा है, जिसके कु परिणामस्वरुप रोगी- काया, अवसाद ग्रस्त उदास व विकृ त मन त था आध्यात्मिक दरिद्रता चारो ओर फै ली हुयी ं है। निराहार सं यम जैसी सिद्धि मनुष्य को इस चक्र से मुक्त कराती है।
- ®- श्री THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAMजी महाराज के लगभग २००० शिष्य क्षुधा क्षु मुक्त जीवन अपनी प्राण - शक्ति के बल पर जी रहे है, जिससे उनके स्वास्थ्य , ऊर्जा स्तर , सृजनशीलता , प्रांजलिता और शरीर सौष्ठव में कई गुना वद्धिृ हुयी है।
- ®- श्री THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAMजी महाराज द्वारा निराहार सं यम में दीक्षा प्राप्त कई शिष्य अल्पाहार पर व कई केवल तरल पदार्थो पर अपना जीवन जी कर भोजन-मुक्ति प थ पर अग्रसर हैं।
निराहार सं यम भोजन के चंगुल से मुक्ति
"योगी सैकड़ो वर्षो तक आहार मुक्त जीवन जीकर स्वस्थ , दीर्धायु ,उच्च ऊर्जा युक्त , और पूर्ण जागरूक जीवन जीते रहे हैं ......अब तुम्हारी बारी है ! जब तुम्हें गुरु से निराहार सं यम की दीक्षा प्राप्त होगी तो वो तुम्हारे भीतर बसी जैव ऊर्जा की उस स्मृति को जाग्रत करेगा जिसे सूर्य की किरणो, आका ं श ,और वायु से ऊर्जा प्राप्त करने की विद्या ज्ञात है, उसे किसी ढोस खाद्य सामग्री की आवशयकता नही ।" ं -THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM
"म भो ैं जन मुक्त क्यों ...?" मने अपने ैं लिए रोगमुक्त शरीर का निर्माण किया। मेरी रोगप्रतिरोधक शक्ति इतनी बढ़ गयी है कि झे अब छोटा सा सिरदर्द भी कभी नहीं होता! डॉक्टरों द्वारा गहन मेडिकल टेस्ट करवाने के बाद ही मैं ये कह रही हूँ। मेरे डॉक्टर अचंभित हैं कि बिना ठोस आहार के मेरे अंग कै से काम कर रहे हैं , जबकि सच ये है कि मेरे अंग दिन प्रतिदिन स्वस्थ हो रहे हैं। चिकित्सक इस बात पर भी आश्चर्यचकित है कि रक्त में मेरा आयरन व कैल्शियम स्तर श्रेष्ठ है जबकि अधिकतर लोगो को आयरन और कैल्शियम की गोली खानी पड़ती है। मु झे अपनी तु लना किसी और से करने की आवश्यकता नहीं है क्यूंकि मेरे गु रुदेव THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAMजी कहते हैं कि तु लना करना सभी रोगों की जड़ है, तु लना करने से मनुष्य स्वयं और शरीर में एक दरी उ ू त्पन्न कर लेता है
जिससे व्याधियाँ उत्पन्न होती हैं। निराहारी बनकर मने इस द ैं री को पाट ू दिया है , अब म बैं ड़े स्पष्ट रूप से जानती हूँ कि मने ैं ये शरीर स्वयं के लिए ही रचा है ,वैसा जैसा कि मेरे लिए सर्वोत्तम है !पिछले ६ महीनो से भोजन का विचार , मीठा खाने की इच्छा , सब लुप्त हो गए हैं , अब तो भोजन देखकर या सूंघकर लार भी नहीं बनती !
माँ महयोगानन्दा , BSBA, MBA
व्यवसायी , सिंगापुर
"मेरे भीतर का योगी उजागर हो रहा है। ..."
म हमे ैं शा सोचती थी कि एक योगी वो है जो सब कु छ छोड़कर हिमालय जाकर एक पाँव पे खड़ा होकर तपस्या करता है ,तब उसे बिना भोजन के के वल प्राणशक्ति पर जीने की तथा प्रगटीकरण की अलौकिक शक्ति प्राप्त होती हैं जो कि हम जैसे साधारण गहस्थ अभी हा ृ सिल नहीं कर सकते ......
म नहीं ैं जानती थी कि हम सभी के भीतर एक असाधारण योगी छुपा हु आ है जो इस गहस्थ ृ जीवन या इसी तरह के साधारण जीवन को जीते हु ए भी अनु भव किया जा सकता है, उजागर किया जा सकता है। सबसे उत्तम भाग तो ये है कि के वल एक अवतार की सहायता से , हमारी ओर से किसी भी तरह के कठोर तप किये बिना ही , इस सिद्धि को प्राप्त किया जा सकता है .... ये तो यू ह ँ ु आ न जैसे किसी और के व्यायाम करने से तुम्हारा मोटापा घट गया !
जब मने न ैं िराहार संयम शु रू किया तो मैं स्वयं ये देखकर अचंभित हो गयी कि मेरा शरीर सचमु च बिना ठोस खाद्य पदार्थ के जीवित रह सकता है। ये तो बस एक आरम ्भ है आगे आने वाली दीर्ध रोमांचक
"उच्च कोटि का स्वास्थ्य, रचनात्मकता और समद्धि " ृ बिना किसी दवा के मेरी चर्बी कम हो गयी ,मेरा ट्राई-ग्लिसराइड जो कि १३०० मिलीग्राम था वो जितना होना चाहिए उसके निम्न अंक तक पहु ंच गया। इ सी ज़ी और उदर स्कैन बताते हैं कि मेरे सभी आंतरिक अंग बहु त स्वस्थ हैं। श्रेष्ठ स्वास्थ के सभी पैमानों पर मेरा स्वास्थ खरा उतर रहा है। अल्प निद्रा , उच्च ऊर्जा....न पेट की बीमारी और न कोई आलस्य , न मोटापे की समस्या ! जीवन में असाधारण परिवर्तन और प्रगति हो रही है। आध्यात्मिक सत्य को अनु भव कर रहा हूँ। भोजन से सम्बंधित सभी बन्धनों से मुक्ति हो रही है। भू ख और प्यास से मुक्ति के सा थ ही भोजन जन्य सभी आदतों से मुक्ति , जीवन बहु त ही सत्य निष्ठ और कर्मठ बन गया है। रचनात्मक ऊर्जा नित्य बढ़ती जा रही है जिससे नए नए समाधान मिलते है व्यवसाय की समस्याओं के । सभी के सा थ मेरे सम्बन्ध अब मधु र होते जा रहे हैं। समाज श्रद्धा और सम्मान की दृष्टि से देखने लगा है। कई लोग जो इस निराहार संयम के बारे में अनभिज्ञ हैं, वे जब आपको निराहारी देखते हैं तो वे आपको ईश ्वरीय सम्मान देने लगते हैं।
श्री नित्य श्री प्रियं (डॉ टी गणे श )
प शु चिकित्सक , बिज़नेस चेयरमैन ,
निराहार सं यम में दीक्षित निरहारियो के ं अद्भुद अनुभव
नित्य आध्यात्मिक आरोग्य - मानवता और सम्पूर्ण पृथ्वी के आरोग्य के लिए अलौकिक ऊर्जा की निरन्तर वर्षा
शुद्ध-अद्वैत में स्थापित THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAMजी महाराज भौतिक, मानसिक व आध्यात्मिक स्तर पर आरोग्य प्रदान करते हैं। उनका इस प्रकार का आरोग्य प्रदान करना उपनिषद ऋषियो की ं वाणी को सत्य सिद्ध करता है कि "जो है सब एक ही ऊर्जाहै जो अत्यन्त मेधावी और करुणामय है "
नित्य आध्यात्मिक आरोग्य क्वांटम विज्ञान पर आधारित चिकित्सा है जो कि कुंडलिनी शक्ति और हमारे अंतर में स्थित ब्रह्माण्ड केंद्र(जिसे आनंद गंधा भी कहते है) के जागरण से की जाती है
- ® लोग जो जीर्ण और गम्भीर रोगो से पी ं ड़ित थे, श्री THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM जी के द्वारा आरोग्य प्राप्त कर चुके हैं
- ® -लोग स्वामीजी द्वारा आरोग्य कर्त्ता बनने की दीक्षा ले चुके हैं और सं सार में पीड़ित जीवो को आरोग्य प्र ं दान कर सकारात्मक ऊर्जा के सं तुलन को बनाने के प्रयास में जुटे हुए हैं
- ® दीक्षा प्राप्त आरोग्य कर्त्ता वैदिक नियमो का पालन करते हुए ं शुद्ध , सात्विक आहार ग्रहण करते हैं तथा समस्त जीवो के प्र ं ति करुणा व अहिसा ं