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Sarvajnapeetha - Hinduism का थिंक टैंक

जहाँ देवता स्व्यं दर्शन देने हेतु यत्रा करते हैं

2007 में THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM जी ने 25,000 वर्ग फु ट से अधिक नित्यानंदेश्वर हिं दूमं दिर, लॉस एंजेलिस आदिनम क्षेत्र को ब्रह्माण्डीय ऊर्जा से प्राणयुत और सं चारित करते हुये पश्चिमी जगत को आशीर्वाद स्वरुप इस वैदिक परंपरा के शिखर को स्थापित किया।

इस मं दिर में विभिन्न हिं दू विचारधाराओ को स ं माविष्ट करते हुए 80 से अधिक देवमूर्तीयां स्थापित हैं। आज तक उत्तर अमरीका में यह नित्यानंदेश्वर हिं दू मं दिर, लॉस एंजेलिस आदिनम सबसे विशाल शिवलिङ्ग और श्री राजराजेश्वरी देवी को निवास स्थल है।

पश्चिमी जगत में हिं दू धर्म का शिखर

नित्यानं देश्वर हिं दू मंदिर लॉस एं जेलिस आदिनम, यु एस ए

भगवान THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM स्वामी, श्री नित्यानंदेश्वर,

श्री श्री नित्यानंदेश्वरी की देवमूर्ति। नित्यानंद गणेश और नित्यानंद लक्षमी की जीवमूर्तियां ।

बांए: श्री नित्यानंद वेंकटेश्वर की देवमूर्तीयां ।

THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM जी ने स्वयं अपने दिव्य हस्तों से हस्तों भगवान श्री वेंकटेश्वर की महनीय देवमूर्ति को शिल्पकला से पूर्ण और प्राण-शक्ती से सजीव किया है। परम पूज्य स्वामीजी द्वारा प्राणप्रतिष्ठा (अर्थात ब्रह्माण्डिय ऊर्जा का प्राण सं चार) किए जाने के पश्चात, यह देवमूर्ति श्री नित्यानंद

वेंकटेश्वर के रूप मे शोभायमान हैं और यह देवमूर्ति दक्षिण कै लिफ़ोर्निया में श्री विष्णु का सबसे विशाल और आनंदमय अर्चावतार हैं । भावी सं कल्प है कि श्री तिरुमला तिरुपति के भगवान श्री वेंकटेश्वर के गर्भगृह की सटीक प्रतिकृति रूप के स्वर्णमं दिर का निर्माण करना।

दायी: प्रसिद्ध अभिनेत्री सूसन सुरैनडन और परिवर को त्रिनेत्र प्रदर्शन

बांए : प्रत्यक्ष पाद पूजा हेतु भक्त ततपर है ।

इस मं दिर में स्थापित हिदं ूधर्म की प्राचीन धरोहर, सुन्दर वैदिक सं स्कृति और आध्यात्मिक संघ, एक उत्तम जीवित उदहारण है – समग्र पश्चिमी जगत मे हिं दू परम्पराओ का अनुसरण और ं अभ्यास करने वाले हिं दूओ का। ं

लॉस एंजेलिस आदिनम नाम से अभिशब्दित, यह हिं दूमं दिर पश्चिमी जगत के सबसे विशाल 8 फ़ीट ऊँ चे 'शिवलिङ्ग' का निवास क्षेत्र हैं। यह देवालय दक्षिण भारत में तिरुवन्नामलई स्थित श्री अरुणाचलेश्वर मं दिर की शक्ति और ऊर्जा धारण किए हुए है।

श्री अरुणाचलेश्वर पं चभूत शिवलिङ्ग (पञ्चतत्त्व की परम ऊर्जा) में से अग्नि लिङ्ग, भगवान् शिव के अग्नि तत्त्व के ब्रह्माण्डीय शाश्वत स्वरूप है ।

पश्चिम में श्री अरुणाचल शिव की ब्रह्माण्डीय ऊर्जा केंद्र

आत्मा और परमात्मा (जीव और शिव) के समागम के अद्वैतिक सत्य का उत्सव मनाने हेतु नित्यानंदेश्वर हिं दूमं दिर में वैदिक अनुष्ठानो, ना ं म-कीर्तन एवं ध्यान के कार्यक्रमो का पुनरु ं थान।

पृष्ठ भूमि: अरुणाचल पर्वत, स्वयं भगवान शिव का स्वरुप व तलहटी में श्री अरुणाचलेश्वर मं दिर तिरुवन्नामलई, दक्षिण भारत

नित्यानंद संघ, लॉस एंजेलिस आदिनम मे

(बांए) : भगवान THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM जी की देवमूर्ति ।

(दाए): भगवान श्री कपिल महामुनि जी की भारत के बाहर स्थित सबसे विशल देवमूर्ति है। श्री कपिल मुनि जी हज़ारोंवर्ष पूर्व प्रथिवी के पश्चिमी भाग में निवस करते थे और यह मन्यता है की 'के लिफोर्निया' प्रदेश का नामकरण 'कपिलारण्य' नामक श्री कपिल महामुनि जी के तपोक्षेत्र निवस से प्रेरित होकर किया गया था ।

(बांए): नित्यानंद संघ, लॉस एंजेलिस आदिनम मे (दाए): श्री नित्यानंदेश्वर को अभिषेक

"क्यूंकि आकाश सदैव उत्सवमय होते हैं, यह मं दिर सदैव आकाश तत्त्व की ऊर्जा प्रसारित करते रहे ।"

~ THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM जी

बांए: नित्यानंद गणेश एक अद्वितीय, दर्ल ु भ दर्शन पाये जाने वाले - आनन्दमय नर्तन रूप में। दाए: THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM जी प्रमुख देवताओ की देवमूर्तीयो के सा थ आशीर्वाद देते हुए।

बांए: ग्रेनाइट शिला से बने 8-फ़ीट के श्री नित्यानंद वेंकटेश्वर की देवमूर्ति, जो भगवान श्री नारायण के जागृत अर्चावतार है।

नित्यानंद संघ, सीएटल आदिनम मे

THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM जी ने 24 फरवरी 2008 को सीएटल, यु एस ए में नित्यानंदेश्वर हिं दूमं दिर का उद्घाटन किया, जो पश्चिम जगत के चिदम्बरम क्षेत्र के नाम से अभिशब्दित है । यहाँ के पवित्र धार्मिक अनुष्ठान, भारत में स्थित चिदंबरम मं दिर की वैदिक परंपराओ एवं पं चांगानुसार किये जाते हैं।

चिदंबरम 'आकाश तत्त्व' का प्रतीक हैं, जो पञ्चभूत स्थल (पञ्च तत्त्वओ की ऊर्जा) में से एक है, जहाँ भगवान शिव 'श्री नित्यानंद नटराज' के निराकार रूप में निवास करते हैं। 'श्री नित्यानंद नटराज' सारे ब्रह्माण्ड में आनंद ताण्डव लीला करते हैं ।

नित्यानं देश्वर हिं दू मंदिर सीएटल आदिनम, यु एस ए

सीएटल आदिनम चिदम्बरम में नित्यानंद संघ चेतना जागरण हेतु नियमित ध्यान व योग कार्यक्रमो का आयो ं जन होता है । कीर्तन और भक्ति द्वारा दिव्यता के सानिध्य का उत्सव ।

सीएटल आदिनम का संघ हिदं ू उत्स्वों को प्र स्वों माणिक वैदिक पद्धतियों से मनाते है ।

विधिवत पूजा-अर्चना करते व संमृद्ध वैदिक जीवन का पालन करते हुए बालक रथ उत्सव, यात्रा पर देवता जो सबको दर्शन और आशीर्वाद प्रदान करते हुये ।

ऊपर: राधा-कृ ष्ण मूर्ति एवं राम परिवार

मिनाक्षी देवी जी की मूर्ति, जगनमाता, जो भगवान शिव रुपी श्री सुंदरेश्वर की पत्नि है - 8.5 फु ट मूर्ति जो THE SUPREME PONTIFF OF HINDUISM BHAGAWAN SRI NITHYANANDA PARAMASHIVAM जी द्वारा आशीर्वादित है और नित्यानंदेश्वर हिदं ू मं दिर, सीएटल को अनुग्रहित करेंगी ।

पृष्ठभूमि: पवित्र जल तीर, सुन ्थ हरा पाटन तथा मन्दिर गोपुरम, थिल्लई नटराज मं दिर का दर्शन, चिदंबरम, तमिलनाडु, भारत में - जहाँ भगवान नटराज पीठासीन हैं आकार एवं निराकार अवस्था में।